Sunday, December 27, 2020

कैदी हो तुम

तुम दूर तो बहुत चले गए हो, पर यकीन मानो, अभी भी कैदी हो तुम मेरे दिल के।

पर सांसों का क्या?

अगर रुकी जिंदगी,तो दौड़ा लूंगा मैं, पर सांसों का क्या? जब ये साथ छोड़ दे।

Friday, December 25, 2020

Dialogue

तेरा मुझसे मिलना होता तो नहीं है, पर जब तुम मिलते हो, मानो ऐसा लगता है, सदियों से मेरे साथ हो तुम।

Tuesday, December 22, 2020

दिल है गिरवी तेरे पास

दिल है गिरवी तेरे पास, भेद क्या छुपाऊं। आंखों से कहता तो हर रोज हूं, पर तेरी आंखें शक से देखती है मुझे।

लब्ज कुछ और कह जाते हैं

मीठी रोशनी ही आंखों को पसंद है, तीखी रोशनी में आंखें तो बंद हो जाती है। मैंने आंखों को सुनकर देखा है ,वक्त आने पर आंखें तो झुक जाती है ,पर होठों के लब्ज कुछ और कह जाते हैं।

Sunday, December 20, 2020

मेरे एहसास

वक्त तो बहुत गुजर गया है, पर ये जो तेरी यादें है, जब आती है तो वक्त भी रुक जाता है।

Saturday, December 19, 2020

खुद को भूल गया हूं

सच कहूं तो अब तुम्हारी याद नहीं आती, बस आंखें भर आती है। फिर सोचता हूं क्यों, फिर याद आता है, खुद को जो भूल गया हूं।

किसने तुम्हें हैं रोका ।

बहना ही है तुम्हें, तो बहो,किसने तुम्हें रोका है। समंदर में मिलना ही है तुम्हें, तो मिलो, किसने तुम्हें रोका हैं। पर याद रखना ,लौटना तुम्हारे बस में ना होगा।

Tuesday, December 15, 2020

सोचो क्या होता

सोचो क्या होता,जब रोशनी भी खामोशी से निकलती,सवेरा होता तो जरूर, पर चहचहाहट ना होती।

Wednesday, December 9, 2020

अन्नदाता के लिए मोदी के मन में क्या?


आखिर क्यों माननीय प्रधानमंत्री जी ,जो किसानों के हित में बात करते हैं, वो आधे-अधूरे कृषि कानून लेकर हैं। क्या बड़े उद्योगपतियों के लिए ये बिल लाया गया था? मौजूदा परिस्थितियां तो यही कहती हैंकि, हां यह बिल बड़े उद्योगपतियों के लिए लाया गया था उनके फायदे के लिए। मैंने फिर मैंने मौजूदा हालात को गहराई से विश्लेषण किया ,तो यह पाया की ,अभी जो देश में किसान आंदोलन हो रहा है , उसमें विपक्षी पार्टियां पूरी तरह मिलकर ,पूरा किसान आंदोलन को ही अपना विरोध करने का हथियार बना लिया है ,जैसे ही भारत बंद का घोषणा किसानों द्वारा किया गया, इसमें सारे विपक्षी पार्टियां इसके साथ खड़े होकर, देश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन किए। सोचने की बात यह हैंकी, जो पार्टियां 70 साल तक देश में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शासन किए वो 70 साल में भी किसानों की स्थिति को सुधारने में सफल नहीं हुए थे। किसानों को बस वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किए हैं, आज वही पार्टियां किसान के हित में कैसे बोल रहे हैं?।ये पार्टियां सिर्फ और सिर्फ किसानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किए हैं , वो अचानक इनके हमदर्द कैसे बन गए?। देशभर में भारत बंद के नाम पर हिंसा किया गया। मौजूदा कानून उद्योगपतियों के हित में है, पर कैसे? 1)अगर उद्योगपति सरकारी मंडी से बाहर MSP से कम कीमत पर भी फसल को खरीदते हैं, तो उन पर कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती। 2) अगर फसल खरीद बिक्री में कोई दिक्कत आती है तो इसके समाधान के लिए ब्यूरोक्रेसी के(ट्रिब्यूनल कोर्ट ) माध्यम से विवाद का निपटारा किया जाएगा। सिविल कोर्ट के अधिकार से भी वंचित रखा गया है। और हमारे देश में एक आम आदमी भी जानता हैंकी, हमारे अफसर गरीबों की सुनते कहां है ,और जब लड़ाई सीधे तौर पर उद्योगपतियों से होगा ,तो ये अफसर किसके पक्ष लेंगे यह साफ दिखता है। यह तो हो गई मौजूदा कानून के बारे में, जो सिर्फ और सिर्फ बड़े उद्योगपतियों के हक में है। और हमारे किसानों के लिए यह काला कानून है। अब बात करते हैं कानूनों में सुधार की, जिसे केंद्र सरकार ने माना हैंकी सुधार करेंगे। 1)मंडी से बाहर बेचना भी कानून के दायरे में आएंगा, अर्थात अब मंडी के बाहर भी कोई भी व्यापारी MSP से नीचे नहीं खरीद सकता। 2) अब सिविल कोर्ट में भी इन मामलों का निपटारा होगा। सुधार होने के बाद यह कानून किसानों के हित में तो होंगे ,पर जो व्यापारी हैं, उनके लिए यह काला कानून हो जाएगा ,जिसे सरकार बहुत अच्छे से जानती थी। कृषि कानून में सुधार होने के बाद सरकार ने व्यापारियों को भंडारण करने की जो सहूलियत दी है, वह अपने आप खत्म हो जाएगा। जानते हैं कैसे? व्यापारी अन भंडारण करेंगे ,ना कि सोना-चांदी, जो सालों साल रखने के बाद भी खराब नहीं होगा। हर 6 महीने पर नई फसल आ ही जाती है, अब व्यापारी अगर यह सोच कर अन का भंडारण करता हैंकि हम बाद में इसे उच्च कीमत पर बेचेंगे और नई फसल अगर आती है, तो हम किसानों के मजबूरी का फायदा उठाकर कम दाम पर भी खरीद सकते हैं। तो अब ऐसा होगा नहीं ,क्योंकि किसान मंडी के बाहर में भी अपनी फसल को MSP पर ही बेचेगा, अगर कोई व्यापारी MSP से कम दर पर खरीदा है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। MSP पर देश के फसल के कुल उत्पादन का 6% ही सरकारी मंडियों में बेची जाती थी ,बाकी के 94% फसल मंडी से बाहर बेचे जाते थे। बेचे जाने वाले 94% फसल का कोई माई-बाप नहीं था,की उसे MSP से ज्यादा में बेचा गया या कम में। लेकिन अगर हम किसानों से बात करके जानते हैं ,तो हमारे देश के किसान मजबूत किसान नहीं ,मजबूर और लाचार किसान है ,जिन्हें इस बात की फिक्र सताती हैंकि ,कहीं ये अन भंडारण करने के चक्कर में उनका फसल ही खराब ना हो जाए ,क्योंकि उनके पास भंडारण की कोई अच्छी सुविधा होती ही नहीं है। फसल उगाने के लिए भारी भरकम कर्ज भी उन्हें बहुत चल चुकाना होता है ,उस कारण भी किसान फसल होते ही, उस फसल को बेचकर मुक्त होना चाहता है और यही कारण हैंकि किसान सरकारी मंडी से ज्यादा ,मंडी के बाहर बेच देते थे ,वह भी MSP से कम दरों पर। पुराने मंडी व्यवस्था से सबसे ज्यादा व्यापारियों का फायदा होता था ,जो हमारे देश के मजबूर किसानों का फायदा उठाते थे ,कम दरों पर फसलों की खरीदी करते थे और उससे अधिक कीमत पर बेचते थे। अब सोचिए क्या होता जब सरकार शुरुआत में ही कृषि कानून में यह जोड़ देती की, मंडी के बाहर बेचे जाने वाले फसल भी कानून के दायरे में आएंगे । मंडी के बाहर 94% फसल खरीदने वाले व्यापारी के लिए यह एक काला कानून हो जाता। हमारे देश के गरीब किसान, जो आंदोलन के लिए पैसे नहीं दे सकते हैं, उनके लिए देश के सारे टुकड़े-टुकड़े गैंग,बुद्धिजीवी लोग देशभर में हंगामा खड़ा कर दिए है। जरा सोचिए क्या होता ,जब व्यापारियों से मलाई खाने वाले ये टुकड़े-टुकड़े गैंग, बुद्धिजीवी लोग व्यापारियों के साथ होते हैं। किसान भाइयों के द्वारा बुलाए गए भारत बंद का असर नाममात्र का हुआ, सोचिए जब ये व्यापारी लोग देशव्यापी आंदोलन करते हैं और ये सारे टुकड़े-टुकड़े गैंग ,बुद्धिजीवी लोग, एक साथ आंदोलन करते हैं,तो क्या होता ,पूरे देश को जला कर रख देते हैं ये लोग। क्योंकि व्यापारी लोग टुकड़े-टुकड़े गैंग और बुद्धिजीवियों को बहुत मात्रा में funding करते आंदोलन के लिए। पूरे देश की रफ्तार थम जाती। लेकिन अब जो कानून में सुधार होगा,वो व्यापारियों के लिए तो काला कानून होगा ,लेकिन किसानों के हित में होगा। लेकिन टुकड़े-टुकड़े गैंग और बुद्धिजीवियों के लिए आंदोलन करने के लिए कुछ भी नहीं होगा ,अगर वो आंदोलन करते हैं ,तो उनका दोहरा चरित्र पूरे देश को पता चल जाएगा।

Sunday, December 6, 2020

शोर को कैसे छुपाओगे

चेहरे पर चेहरे जितनी भी तुम लगा लो, आईना तुम्हें बताएगी, तुम बदल गए हो। पर उस आईना से, तुम खुद को कब-तक छुपाओगे,जो तेरे दिल में है। लहरों के शोर में,तुम खुद को छुपा लेना, खामोशियां भी तो आएगी, फिर दिल के शोर को कैसे छुपाओगे।

Thursday, December 3, 2020

My Humble Request to My Respected Prime Minister

माननीय प्रधानमंत्री जी आपका कृषि कानून 2020 ठीक तो है, पर हमारे देश के लिए नहीं, बल्कि विदेशी किसानों के लिए जो मजबूत किसान है। हमारे देश के किसान मजबूत नहीं मजबूर हैं, खेत से फसल काटते ही उन्हें इस बात की फिक्र होती है कि कैसे इसे बेचकर हटाए, अगर इसे बेचकर नहीं हटाएंगे तो इसका भंडारण हम कहां करेंगे, अगर भंडारण नहीं करेंगे,यह अनाज बहुत जल्द खराब हो जाएंगे। इस कारण हमारे देश के किसान मजबूरी में अपनी फसल को जितना जल्दी हो सके बेचकर हटाना चाहता है। क्योंकि उनके पास ना ही अच्छा भंडारण की सुविधा है और जल्द से जल्द फसल बेचकर कर्ज भी लौटाने होते हैं। इसलिए हमारे देश के किसान मजबूरी में अपनी फसल को मंडी से ज्यादा, मंडी के बाहर बेच देते हैं। आपके सरकारी आंकड़े भी कुछ यही कहते हैं। क्या कभी किसानों से यह सवाल पूछा गया कि आप सरकारी मंडी में ना बेच कर, आप मंडी से बाहर क्यों बेच देते हैं, क्या बाहर बेचने पर आपको उचित मूल्य मिलता है, जो मूल्य सरकार तय की हुई है। अगर सवाल पूछे जाते हैं तो जवाब बस यही आता, कि नहीं उचित मूल्य नहीं मिला, लेकिन क्या करें मजबूरी में बेचना पड़ा। क्या सरकारी मंडी में बैठे उन सरकारी बाबुओं से यह सवाल पूछा गया की ,आखिर किसान क्यों सरकारी मंडी में आकर अपने फसल को मंडी से बाहर बेच रहे हैं।आप के प्रधानमंत्री बनने के बाद सरकारी मंडियों में खरीदारी तो कुछ बड़ी भी है,आपसे पहले तो और भी सरकारी मंडियों का बेड़ा गर्क था।ये सरकारी बाबू इतने परेशान करते थे की किसान सरकारी मंडी में ना बेच कर,उसे कम मूल्य में ही अपनी फसल को बाहर बेच देता था। माननीय प्रधानमंत्री जी आप हमारे देश के उन नेताओं में से हैं, जो गरीबी को बहुत करीबी से जानते हैं ,तो आप बहुत अच्छे से जानते होंगे कि यहां गरीबों को इंसाफ मिलना कितना कठिन होता है। यहां इंसाफ भी उसी का होता है जिसके पास पैसा होता है ,चाहे वह इंसान गलत ही क्यों ना हो। आप अपने उम्र के उस पड़ाव में है, जिस पड़ाव में आप बहुत भली भांति जान चुके हैं कि, हमारे देश के नौकरशाह पैसों वालों के जी हुजूरी करने में व्यस्त रहते हैं, तो हमारे देश के किसानों को ये नौकरशाह कैसे इंसाफ दिला पाएंगे। मैं आखरी में फिर से एक बार और मैं यह बताना चाहता हूं कि,हमारे देश के अधिकतर किसान सरकारी मंडी में ना बेचकर वो मंडी से बाहर बेचते हैं और उन्हें बाहर बेचने पर उचित मूल्य भी नहीं मिलता है फिर भी वो बाहर बेचते हैं, क्योंकि वो ये सब मजबूरी में करते हैं।

Tuesday, December 1, 2020

इंतजार

चांद छुपा है तो क्या हुआ, हम कुछ और वक्त इंतजार कर लेंगे। माना कुछ अंधेरी रात होंगी, पर चांदनी रात भी जरूर होगा।

Sunday, November 29, 2020

असदुद्दीन ओवैसी के पार्टी aimim के जीत,जात पात की राजनीति करने वाले क्षेत्रीय पार्टी के भविष्य गर्त में जा सकते हैं,पर कैसे?

असदुद्दीन ओवैसी के पार्टी aimim के जीत,जात पात की राजनीति करने वाले क्षेत्रीय पार्टी के भविष्य गर्त में जा सकते हैं कैसे? मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में AIMIM party की जीत पूरे देश में यह साफ तौर पर संदेश देता है की, मुस्लिम समाज के लोग एकजुट होकर मुस्लिम पार्टी को अपना समर्थन दे रहे हैं और जीता रहे हैं। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में AIMIM party की जीत एक ऐसे सोच की उत्पत्ति कर रहा है जो क्षेत्रीय पार्टियों और राष्ट्रीय पार्टियों के लिए खतरा है ,खासकर उन पार्टियों के लिए जो जात-पात और Secularism के नाम पर हिंदू वोट लेते हैं। यह सोच है की हम हिंदू समाज जात-पात में क्यों बंटे हैं, क्यों ना हम भी एकजुट होकर हिंदू विचारधारा वाले पार्टियों का समर्थन करें और उन्हें जिताए। हम तथाकथित Secular पार्टियों को वोट क्यों दें, मुस्लिम समाज के लोग तो एकजुट होकर, मुस्लिम समर्थित पार्टियों को जिता रहे हैं ,तो हम भी क्यों ना हिंदू समर्थित पार्टियों को जिताए। AIMIM party कि हरजीत, इस विचार को और तेजी से पूरे देश में फैला रहा है और हिंदू समर्थित विचारधारा वाले पाटियाँ और उनके समर्थक इस इस बात को बहुत जोर-शोर से देश के कोने कोने में यह संदेश फैलाने में लगे हुए हैं कि, देखो मुस्लिमों ने एकजुट होकर मुस्लिमों के पार्टी को जिताया है ,तो हम हिंदू समाज क्यों जात-पात में बंटे हुए हैं। और अगर यह विचारधारा लोगों के दिलों में हिंदू विचार धारा के पार्टियां बैठाने में कामयाब हो गए ,तो यह मान लीजिए की जात पात के राजनीति करने वाले क्षेत्रीय पार्टियां तो पूरी तरह से बर्बाद हो ही जाएंगे और तथाकथित Secular राष्ट्रीय पार्टियों के भविष्य भी गर्त में चला जाएगा ‌‌। मैं दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में रहा हूं और जो समझ पाया हूं कि, दक्षिण भारत में हिंदू समाज अपने धर्म के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं अपेक्षा उत्तर भारतीयों से। अगर दक्षिण भारत में भी इस विचारधारा को वहां के लोगों में बैठा दिया जाएगा ,तो आप यह मान लीजिए की भविष्य में विपक्ष में होने के लिए कुछ नहीं होगा। क्योंकि अगर हम विपक्ष की बात करते हैं ,तो विपक्ष में दक्षिण भारत के और गैर हिंदी राज्यों के सांसद ही बैठे हुए हैं,जो क्षेत्रीय पार्टियों के हैं। अतः असदुद्दीन ओवैसी के पार्टी के हर जीत पर, विपक्ष और कमजोर होता चला जाएगा।

Friday, November 20, 2020

तुम मोहब्बत के काबिल नहीं

किसी ने कहा,तुम मोहब्बत के काबिल नहीं, गुनाह बस इतना था, उनकी शर्ते हमें मंजूर ना थी।

Wednesday, November 18, 2020

तुम अब हो ही नहीं

बेचैनी बहुत है तुझे पाने की, पर पा नहीं सकता ,एक हकीकत यह भी है तुम अब हो ही नहीं, जो मेरी फिक्र में ,एक आवाज लगा दिया करती थी।

Monday, November 16, 2020

The Life is precious

life is very precious . save this with happiness ,without mix any fake smile.

Saturday, November 14, 2020

फिर तुम्हें सुनाऊंगा

कब्र में सोए हैं इस उम्मीद में की, तुम एक दिन जरूर आओगी ‌, फिर तुम्हें सुनाऊंगा कि,तुम झूठी थी।

Monday, November 9, 2020

मेरे एहसास

कुछ कहूं या कुछ ना कहूं, कहूं तो किनसे कहूं, कोई हो जो अपना। डर लगता है अब, कुछ कहने से ,ना जाने कौन सी मेरी बातें ,लोगों को चुभ जाएगी।

Wednesday, November 4, 2020

मेरे एहसास

नजदीकियां थी ही नहीं, तो फासले कम कैसे हो गए। यूंही खयालों में डूब कर, किसी को अपना बना लेना,अच्छा तो नहीं।

Friday, October 30, 2020

मेरे एहसास

तुमसे मिलने की तमन्ना बहुत थी, पर मिल ना पाया, पर यकीन मानो, कोशिश पूरी की थी। जब-जब चाहा, तुझे तेरे हम पाया, पर यकीन मानो, तमन्ना बदल गई ,पर जो ना बदली ओ तेरी आदत थी, जो आज भी है ,तुझे देखने की।

Thursday, October 29, 2020

मेरे एहसास

मुस्कुराकर कहूं या रोकर कहूं, हंसता रहा जमाना, उन्हें तो मैं बोलता दिखा, वो कैसे मान लें कि,कत्ल हुआ है हमारा। वो कत्ल भी कर दिए और सबूत भी ना छोड़ा।

Tuesday, October 27, 2020

मेरे एहसास

कुछ लोग खामोश इसलिए नहीं हो जाते हैं की ,उनके पास शब्द नहीं होते। शब्द तो होते हैं पर ,जिन्हें वो सुनाना चाहते हैं, वो नहीं होते।

Thursday, October 22, 2020

मेरे एहसास

मुलाकात ना सही, याद तो किया करो, मुड़ने को कौन कहता है तुम्हें, उन रास्तों से। मुड़कर एक बार देख तो लिया करो, शायद कोई तुम्हारा चेहरा देख कर ही जिया करता हो।

Thursday, October 15, 2020

मेरा जीना अभी बाक़ी है

मैंने वक्त से कह दिया है, रूक जा तू अभी, मेरा जीना अभी बाक़ी है। तुमने अभी तक मुझे ठहरते देखा है, अभी तो तुझे, मुझे दौड़ते देखना बाकी है।

Monday, October 12, 2020

मेरे एहसास

ना पास हम थे ,ना पास वो थे ,फिर भी मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा। कभी ख्वाबों में ,तो कभी यादों में।जब आंखें खुली, तो ना वो थे,ना हम थे, शिकायत कब किनसे था करना ,हमने यादों को समेटा और निकल गए, हम अपने रास्ते और वो अपने रास्ते ।

मेरे एहसास

कभी खामोश रहूं, तो मेरी खामोशी पढ़ लेना, अगर कहीं दिख जाऊं तो आवाज लगा देना, अगर मैं आवाज सुनकर भी ना रुक पाऊं ,तो समझ लेना ,अब मैं खुद में डूब गया हूं।

Saturday, October 10, 2020

My Feelings.

Love happens only once time in our life and it is also last, other times people just carry a relationship , like formality.

Friday, October 9, 2020

मेरे एहसास

हर रात तो अंधेरी नहीं होती, कभी सोच भी लिया करो, ना जाने कब उजाला हो जाए, फिर रास्ते जरूर दिख जाएंगे।

Tuesday, October 6, 2020

मेरे एहसास

कभी-कभी भूल जाता हूं ,जिंदगी चुनु या मौत,फिर मुकद्दर की याद आती है ,कुछ तो लिखा होगा मुकद्दर में, तो दोनों भूल ही जाता हूं ,जो होगा देखा जाएगा।

Tuesday, September 15, 2020

मेरे एहसास

गुनाह हमने भी किया ,गुनाह तुमने भी किया, चलो आओ अंधेरी की आंचल में छुप जाए,अंधेरे की एक खूबसूरती है, उसके आंचल में हर कोई एक हो जाता है।

Monday, September 14, 2020

Why China is evacuating the village adjacent to the LOC

चीन LAC से सटे गांवों को खाली इसलिए नहीं करवा रहा है कि, उन्हें तिब्बती लोगों का फिक्र हैं, बल्कि चीन इस बात से चिंतित हैकि ,युद्ध के दौरान कहीं तिब्बती लोग भारतीय सेना का साथ ना दे दे।

Wednesday, September 9, 2020

मेरे एहसास

अक्सर खामोश हो जाता हूं, जब उनकी याद आती है, फिर खुद से पूछता हूं क्यों?, जवाब मिलती है, उनकी मोहब्बत भी तो खामोश थी।

Friday, September 4, 2020

मेरे एहसास

 अखियां रोना छोड़ दिया, पर देखी छोड़ी ना तेरी तस्वीर-पर देखी छोड़ी ना तेरी तस्वीर।

दुनिया मैं क्या देखूं, मेरी दुनिया है तेरी तस्वीर ।

Wednesday, September 2, 2020

Freedom of expression in india

 हमारे देश में अभिव्यक्ति की आजादी उस सौतेली मां की तरह है, जो एक बच्चे को प्यार देती है परंतु दूसरे को नहीं।

Friday, August 28, 2020

मेरे एहसास

 संभल कर चलना,रास्ते अभी बाकी है, ठोकरे कई खाई होंगे तुम, संभलना सीख लिए होगे अब तुम।

Wednesday, August 26, 2020

मेरे एहसास

दूर ना हो जाना खुद से,फासले कभी बढ़ा भी लिया करो,जरूरी नहीं,हर रोज उनके यादों में खो जाना।

Wednesday, August 19, 2020

Who will win the game

 पत्ते तुम भी खेलो, खेलेंगे हम भी एक खेल, बाजी तेरी भी होगी ,बाजी मेरी भी होगी , देखते हैं ,जीतता कौन है ये खेल ?

Tuesday, August 18, 2020

मेरे एहसास

 पूछा मैंने उन रेतों से ,तुम तो कभी पत्थर हुआ करते थे ,रेत कैसे बन गए?, क्या तुमने भी किन्ही से मोहब्बत कर लिया था, जो इस कदर टूट गए।

Listen to the heart

 दुनिया क्या कहेगी ,दुनिया क्या सोचेगी ,अगर इन बातों को सोच कर जिओगे, तो जिंदगी जिंदगी नहीं ,बोझ बन जाएगी और इस बोझ को दुनिया, परिवार ,समाज के लिए ढोना पड़ेगा जिंदगी भर।

जिंदगी जीनी है तो दिल की सुनो और बिंदास जीओ।

Saturday, August 15, 2020

मेरे एहसास

 रुका मैं भी यहां था, रुके तुम भी यही थे, हम तेरे वास्ते और तुम मेरे वास्ते ,ख्याल अच्छा था हमारा !

Tuesday, August 11, 2020

मेरे एहसास

 बड़ी मुश्किल में था मेरा दिल,बड़ी मुश्किल में  था मेरा दिल, फिर मैंने इसे समझाया, तेरे ना होने पर भी ,कुछ नहीं बदलेगा और तेरे होने पर भी, कुछ नहीं बदलेगा, फिर तेरे तड़पने का क्या फायदा ?

मेरे एहसास

 मचा दो दिल में तुम भी शोर, जो तुम लफ्जों से ना कह सकी इस दुनिया से ,दुनिया तेरी धड़कन से सुन ले।

Monday, August 10, 2020

What will happen after the end of the Coronavirus(My Virtual Words)

हमारा शरीर प्रदूषित वातावरण में अपने आप को अनुकूलित करने में बहुत ज्यादा समय लेता है, अर्थात शरीर बहुत धीरे-धीरे अपने आप को प्रदूषित वातावरण में अनुकूलित कर पाता है। परंतु हम जैसे ही शुद्ध वातावरण में जाते हैं, तो हमारा शरीर शुद्ध वातावरण में अपने आप को बहुत जल्द ढाल लेता है और बहुत जल्द इस वातावरण में अनुकूलित हो जाता है। Coronaviru के कारण वातावरण शुद्ध हुआ है, वायु प्रदूषण बहुत ही कम हुआ है और हमारा शरीर वायु प्रदूषण कम होने के कारण अपने आप को इस माहौल में बहुत जल्दी अनुकूलित कर लिया है। अगर Coronavirus का अंत कुछ दिनों में हो जाता है, तो हमें Coronaviru संक्रमण से भी अधिक सावधानी बरतनी होंगी ,क्योंकि Coronaviru अंत के बाद पुनः बेतहाशा पहले की तरह वायु प्रदूषण होगी और अगर हम यह प्रदूषित वायु ग्रहण करते हैं,तो श्वास संबंधी बीमारियों का सबसे अधिक खतरा होगा। क्योंकि हमारा शरीर शुद्ध वायु के लिए अनुकूलित हो गया है। अतः CoronaVirus के अंत के बाद भी हमें कुछ महीने तक अपने शरीर को प्रदूषित वातावरण में अनुकूलित होने के लिए भी समय देना होगा ,इसलिए इस Covid-19 संक्रमण के अंत होने के बाद भी हमें चेहरे पर मास्क जैसी सावधानियां बरतनी ही होंगी। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं,तो शायद Corona Virus संक्रमित मरीजों से भी ज्यादा मरीज अस्पतालों में नजर आएंगे। Corona महामारी से भी ज्यादा भयावह स्थिति हो जाएगा। Corona संक्रमण के समय से भी ज्यादा ventilator की आवश्यकता पड़ेगी।
अस्थमा से रोज लगभग 1000 लोगों की मौत हो जाती है ।
अतः हमें Corona संक्रमण के अंत के बाद और अधिक सावधानी बरतनी पड़ेगी।

Sunday, August 2, 2020

मेरे एहसास

जख्म की खता बस इतनी ही थी,कि वो मेरा था, अगर ना होता तो, उसे मेरी यादों में मेरी तरह तड़पना ना पड़ता।

Thursday, July 30, 2020

#JusticeForSushantSinghRajput

दर्द में वो आंसू बहा रहे थे, प्यार के किस्से सुना रहे थे, दर्द की दाग जब उन पर ही लगी, जिन्हें वो गैर बता रहे थे, अब उसे ही अपना बता रहे। #JusticeForSushantSinghRajput

Tuesday, July 28, 2020

A Silent Word

खामोशियां कभी लफ्जों की गुलामी नहीं करती, अगर तुम्हें यकीन ना हो तुम शोर मचाना, मुर्दे कभी उठा नहीं करते।

मेरे एहसास

हर किसी को किसी से मोहब्बत है ,मोहब्बत करना गुनाह तो नहीं। तो फिर खामोशी क्यों, नाराजगी भी क्यों, बस एक मुस्कुराहट और कुछ नहीं।

Saturday, July 25, 2020

मेरे एहसास

सफर लंबा है ,सोचा कुछ यादों को साथ ले चलूं, यादें भी नाराज हो गई, कही हर बार दिल बहलाने के लिए मैं ही क्यों?

मेरे एहसास

कभी मुस्कुराहट का भी कोई नाम दे दो, हर रोज गमों पर तो पर्दा डालता ही है, बेवजह मुस्कुराना कुछ और ही बताती है।

Wednesday, July 22, 2020

Dialogue

सुना है तेरे दिल में राज छुपा है, अक्सर वक्त गुजर जाने पर ,चीजें बर्बाद हो जाया करते है।

Tuesday, July 21, 2020

Dialogue

सिर्फ दर्द है इनमें, कोई तो लिखा होगा इन शब्दों को, शायद वह भी मेरी तरह टूटा होगा।

Friday, July 17, 2020

याद आए, तो मुस्कुरा देना

कभी हमारी याद आए तो मुस्कुरा देना, तुम्हारी मुस्कुराहट मुझे बता देगी,दिल का एक ऐसा कोना भी है जहां मैं रहता हूं।

Wednesday, July 15, 2020

ख्वाहिशें थी ,कोई हकीकत नहीं


सुना है ख्वाहिश कोई चुरा ले गया, अब उन्हें कौन बताए,ख्वाहिशें थी ,कोई हकीकत नहीं, फिर ख्वाहिशें सजा लेंगे।

Tuesday, July 14, 2020

Nepal's independence is now in the hands of the people of Nepal


चीन बहुत ही शातिर देश है, चीन जिस क्षेत्र को हथियाना चाहता है ,पहले वह उस क्षेत्र के लोगों को उस क्षेत्र के सुरक्षा देने वाले देश के प्रति इतनी नफरत पैदा करवाता हैकि, सुरक्षा देने वाले देश साथी उसका साथी ना दें, और जब चीन को लगता है तब इस क्षेत्र को सुरक्षा देने वाले कोई नहीं है तो चीन उस क्षेत्र पर कब्जा कर लेता है । चीन तिब्बत वाली चाल नेपाल के साथ भी खेल रहा है। जब भारत आजाद हुआ था ,तब चीन के उकसावे पर तिब्बत के सरकार बार-बार भारत सरकार को यह Notice दे रही थी, अंग्रेज अब जा चुके हैं, हिमालयन क्षेत्र तिब्बत के हैं, इसे अब तिब्बत के हवाले कर देना चाहिए। और इसका परिणाम यह हुआ की चीन ने तिब्बत की सहायता करने के झूठी दिलासा देकर चीन ने तिब्बत पर ही कब्जा कर लिया और भारत कुछ नहीं किया। चीन नेपाल के साथ भी सारी वहीं परिस्थितियां तैयार कर रहा है, जो तिब्बत के साथ किया था। अब यह फैसला नेपाल के लोगों को करना हैकि,वह अपना देश तिब्बत की तरह चीन को सौंपना चाहते हैं या वह एक स्वतंत्र देश में रहना चाहते हैं। यह तो साफ है की नेपाल की मौजूदा जो सरकार है वह चीन के द्वारा ही बनवाई गई सरकार है।

Sunday, July 12, 2020

मेरे एहसास

कैसे हम तुम्हें भुलाए, मेरे यादों की यादों में तुम हो, रास्ते खत्म हो जाते है,कैसे तुम्हें हम यू छोड़ आए, हकीकत जो भी हो, पर मेरी हकीकत तो तुम ही हो।

Wednesday, July 1, 2020

Dialogue

आप कितने ताकतवर हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता,आपके साथ कितने लोग हैं,फर्क बस इससे पड़ता है।

Tuesday, June 30, 2020

Keep your mobile away from your confidential meeting


अगर आप अपने Mobile को Switch off कर Meeting में बैठते हैं, तो आप इस गलतफहमी में ना रहे कि, आपके Mobile पर कोई नजर नहीं रख रहा है। Mobile Companies Battery Inbuilt Mobile इसीलिए बना रहे हैंकि,आपके Mobile Switch off होने के बाद भी आपके Mobile पर नजर रखा जा सके, मेरा उन लोगों से अनुरोध है ,जो देश की सुरक्षा में लगे हैं और कोई महत्वपूर्ण Meeting में बैठे हुए हैं ,वह अपना Mobile Meeting से दूर ही रखें ।

Monday, June 29, 2020

Why are our country's #Liberals crying to rise the prices of petrol and diesel?


हमारे देश के बुद्धिजीवी लोग लंबी-लंबी Articles लिख रहे हैकिं देश में Petrol, diesel का दाम बढ़ गया है, लेकिन इस बात पर कोई Articles नहीं लिख रहे हैंकि, हमारी सरकार करोड़ों रुपए हर दिन Covid-19 के Test और उनके इलाज पर खर्च कर रही है। लगभग देश में 180000 से 190000 प्रतिदिन Covid-19 मरीजों का Test किया जा रहा है। एक Test का private hospital ₹2500 ले रहे हैं । अगर हम मान लेते हैं की Government को एक Covid-19 Test में ₹1000 की खर्च आती है, तो प्रतिदिन सरकार सिर्फ Covid-19 की Testing के लिए लगभग 180000*1000=₹180,000,000 खर्च करती है। यह खर्च सिर्फ नए मरीजों के लिए। और 3 से 4 दिन बाद, उन मरीजों का दोबारा Test किया जा रहा है जिनका Covid-19 Testing पहले positive आया था। इतना सारा रुपया सिर्फ और सिर्फ Testing पर खर्च होती है बाकी और को आप जोड़ लो।

Sunday, June 28, 2020

Nobody will make you cry


तन्हाईयों में जीना सीख लो दोस्त ,अगर सीख लिए, तो तुम्हें कोई रुला ना पाएगा ‌।

शायद उन्हें यह ख्याल आए !


चाहत है दिल की, कि उनकी चाहत में, पूरी उम्र तन्हा गुजार दूं, मेरे मीट जाने पर शायद! मेरे मीट जाने पर, शायद उन्हें यह ख्याल आए ,की कोई मुझसे इतनी भी मोहब्बत करता था।

Thursday, June 25, 2020

खामोशियां


खामोशियां बहुत कुछ कहती है, पर सुनने का गुनाह ना करना, अक्सर खामोशियां बदल जाया करती है।

Sunday, June 21, 2020

मेरे एहसास


इश्क है तो कबूल कर,दिल में छुपा कर रखे हो क्यों, माना कुछ मजबूरियां हैं, साथ ना चल तू सही, साथ हो तो सही, फिर देखते हैं क्या होता है, एक बार नजरें मिलाओ तो सही।

अनकहे शब्द


अगर तुम्हें खुद के बारे में जानना है तो इतिहास पढ़ो, इतिहास वो आईना है, जो तुम्हें बताएगा कि, तुम हो कौन?

Friday, June 19, 2020

चीनी सामानों का बहिष्कार करो, अपना नुकसान नहीं


चीनी सामान के boycott का मतलब यह नहीं है चीनी सामान को पहले खरीदो फिर तोड़ो या खरीदे हुए सामान जो आपके पास है ,उसको तोड़ के चीनी सामानो का बहिष्कार नहीं किया जा सकता है, बल्कि हम अपना ही नुकसान कर रहे हैं । चीनी सामान का boycott मतलब है कि अब चीनी सामान नहीं खरीदना है ‌। मतलब अब चीन को पैसा नहीं देना है। दूसरी बात, लोग IPL में Vivo के sponsor CANCEL करने की मांग उठ रही है,विज्ञापनों के प्रचार करने वाले स्टारों पर बोला जा रहा है कि इनका प्रचार मत करो। अब बात हमारी समझ में यह नहीं आ रही है कि ये लोग तो चीन से पैसा लेते हैं, देते तो है नहीं‌। और ना ही इनके पैसे से देश विरोधी नारे लगाते हैं। तो फिर इस प्रकार के संदेश क्यों। जिन्हें प्रचार करना है करने दो ,हम चीनी सामान को खरीदेंगे ही नहीं । इस प्रकार हम 2-2 तरह से नुकसान कर सकते हैं ,पहला हम उनके सामान नहीं खरीदेंगे और दूसरा वो जो प्रचार पर खर्च करेंगे वह भी उनका बेकार जाएगा।

Monday, June 15, 2020

मेरे एहसास


अगर मैं आसमां पर भी हूं, पर ख्वाहिशें इतनी ही पालता हूंकि ,जब जमीन पर आऊ तो जी सकूं, हां मेरे चाहने वाले कम हो सकते हैं, या हो भी नहीं सकते, पर खुद से चाहना क्यो कम कर दूं।

मेरे एहसास(lines of my Novel)


तेरी नाराजगी से रूठा हूं मैं, अब मनाने की कोई वजह ना रही, अब भला तस्वीरों से कैसी शिकायत।

Sunday, June 14, 2020

मेरे एहसास


ऐ जिंदगी कभी तुमसे कोई सवाल ना किया, जिधर बोला दौड़ता गया मैं, अब थक गया हूं ऐ जिंदगी, कोई तो मंजिल मुकम्मल कर दे।

मेरे एहसास(lines of my Novel)


रूठना ही था, तो बता देते, हम भी मनाना सीख लेते, यूं ही छोड़ गए, छोड़ते वक्त क्या तुम्हें यह ख्याल नहीं आया ,मेरे बगैर उसका क्या होगा।

मेरे एहसास(Lines of my Novel)


तेरा गम ,उन्हें भी होगा ,जो तेरे ना थे, एक दफा पूछ तो लेते,जाने से पहले।

Friday, June 12, 2020

मेरे एहसास


तुम कहो तो जिंदगी, तुम्हें कुछ और वक्त दे दूं, वक्त गुजरने पर ,तुम्हें यह शिकायत तो नहीं होगी कि, हमने तुम्हें वक्त ना दिया।

Thursday, June 4, 2020

मेरे एहसास


बस कर ए दर्द ,अब रुक भी जा ,अब आगे कोई रास्ता नहीं, मिटना ही तेरी मंजिल था,तो फिर साथ में चले ही क्यों थे।

Saturday, May 30, 2020

मेरे एहसास

ना जरूरत था तुझे मेरी ,ना तू मेरी जरूरत थी, फिर किसने हवाओं में अकेलेपन का रंग बिखेर दिया, कहीं से तो रंग आया होगा।

मेरे एहसास


जिंदगी के फैसले अब खुद से लेना सीख लिया हूं ,जब-जब औरों को सौंपा ,गहरा दर्द मिला मुझे।

Monday, May 25, 2020

मेरे एहसास

कुछ जिंदगी के पन्ने खुले छोड़ देता हूं ,मालूम तो हो हमें, हुआ क्या था।

Wednesday, May 20, 2020

मेरे एहसास(lines of my novel)

राते हुई आंखें बंद कर लिया ,सुबह हुई आंखें खोल लिया, पर देखा कुछ बदला नहीं,बहुत दर्द में डूबी थी आंखें, पर यकीन था इन्हें राहत मिलेगी।

मेरे एहसास(lines of my novel)

ना कोई छम छम थी, ना कोई पहनी थी पायल, खामोशी सी छाई हुई थी, पर हवाओं में कुछ बह रही थी, आंखें बंद किया और महसूस किया ,बस उनकी यादें थी और कुछ।

Monday, May 18, 2020

मेरे एहसास

ख्वाहिश थी कि उनकी चाहत की छांव में ,पूरी उम्र गुजार दूं , पर उन्हें कहा मंजूर था, उन्होंने आपना रास्ता ही बदल लिया।

Saturday, May 16, 2020

मेरे एहसास

कभी हुआ करती थी इन आंसुओं की भी कीमत, पर वक्त की मेहरबानी देखो, इन्हें भी छीन लिया और हंसना सिखा दीया।

Tuesday, May 12, 2020

मेरे एहसास

कभी जो रोया करते थे तन्हाइयों में , वक्त ने उन तनहाइयों को ही उनका दोस्त बना डाला, दोस्ती का साथ तो देखो,अब वो बेवजह ही मुस्कुराया करते हैं ।

Saturday, May 9, 2020

मेरे एहसास

हर कोई यूं ही शायर नहीं बन जाता, हर शब्द लिखने से पहले दिल को खरोचना  पड़ता है‌।

Monday, May 4, 2020

मेरे एहसास

अगर भूल जाऊं मैं तुझे ,तो ना कहना ,तुम भूल गए मुझे। गुंजाइश थी कि तुझे याद करूं, पर वक्त लौटकर आया ही नहीं।

मेरे एहसास

दफ्न ना कर ऐ जिंदगी अपनी ख्वाबों को, वक्त बीत जाने पर भी फूल ना आएंगे। कभी सुना है बंद डिब्बे में बीज रहा करते हैं।

मेरे एहसास

जिंदगी कोई ख़्वाब नहीं, जिसे देखू और भुल जाऊं, जिंदगी है दोस्त, इसे जिना पड़ता है

मेरे एहसास

जिंदगी कोई ख़्वाब नहीं जिसे देखू और भुल जाऊं, जिंदगी है दोस्त, इसे जिना पड़ता है

Friday, May 1, 2020

मेरे एहसास

मुस्कुराहट तेरी भी कुछ वजह रही होगी, यूंही ही कौन बेवजह मुस्कुराता है।

Thursday, April 30, 2020

मेरे एहसास

शायरों की दुनिया भी अजीब होती है, वो अपनी ही दुनिया में जीते हैं और एक दिन अपनी ही दुनिया में मर जाते हैं । एक शायर अपने जिंदगी के आखिरी पड़ाव में अपनी आत्मा से कहता है
" तू मेरी ना हो सकी यह हकीकत है ,पर एक और हकीकत यह भी हैंकि, तू किसी और की भी ना हो सकी"।

Monday, April 27, 2020

क्यों जरूरी था जमातियों के लिए अलग से आंकड़ा जारी करना

हमारे देश में आज एक नया बहस छिड़ी हुई है,केंद्र सरकार जमातीयों के लिए अलग से briefing क्यों देती है। सरकार इस महामारी को धार्मिक रंग दे रही है। आज पूरी दुनिया इस सच्चाई को जान रही है कि यह महामारी कोई धर्म पंथ नहीं जानती, ये किसी को हो सकत है। हमने Social Media पर हजारों ऐसे Post देखें, जो सीधे तौर पर इस महामारी को challenge कर रही है कि,हमें यह नहीं होगा, यह महामारी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ये वही जमाती लोग हैं जिनके दिमाग में डाल दिया गया हैकि #COVID हमारा कुछ नहीं कर सकता है, जमातीयों के अलग से आंकड़े जारी करने से कम से कम इससे यह तो पता चला उन लोगों को कि #COVID उनका भी बिगाड़ सकता है। एक महामारी है जो कोई धर्म पंथ नहीं देखता , ये किसी को हो सकता है

मेरे एहसास

मुझे मालूम है ए वक्त ,तू बड़ा जालिम है, कभी लौटकर नहीं आता, तेरे गुजर जाने का शोक क्यों करूं मैं, इसलिए हर रोज जी लेता हूं अपनी जिंदगी।

Friday, April 17, 2020

मेरे एहसास

यह सोचकर जिए जा रहा था, जिंदगी मुकम्मल नहीं है उनके बगैर , बिछड़ कर जाना, उनके बगैर भी जिंदगी जी जा सकती है।

Wednesday, April 15, 2020

मेरे एहसास

मुसाफिर था, सोचा आशियाना बना लूं ,पर हवाओं को कहां मंजूर था, अपने साथ सब कुछ उड़ा ले गई।

Friday, April 10, 2020

My Virtual Words For Corona virus (COVID-19)

Our country is distributing "Hydroxychloroquine " medicine all over the world and it is being said that ,the patients who are suffering from Corona virus (COVID-19) , this drug is improving and they are recovering, but this is true. I think maybe not, this drug is not killing the Corona virus (COVID-19), maybe this drug is controlling its number that means stopping and weakening the Corona virus (COVID-19), As the crona virus begins to weaken. The immune system of our body is destroying it ,kill it.

पूरी दुनिया में हमारा देश Hydroxychloroquine दवा को बांट रहा है और कहा जा रहा है इस दवा से कोरोना वायरस (COVID-19) पीड़ित मरीजों की हालत में सुधार हो रही है और वो ठीक हो रहे हैं ,पर ऐसा सच में है। मुझे लगता है शायद नहीं, यह दवा कोरोना वायरस (COVID-19) को मार नहीं रही है, शायद यह दवा रोना के संख्या को नियंत्रित यानी रोक दे रही है और कोरोना वायरस (COVID-19) को कमजोर कर रही है, जैसे ही क्रोना वायरस कमजोर पड़ रही है ,वैसे ही हमारे शरीर के immune System उसे नष्ट कर दे रही है।

Monday, April 6, 2020

मेरे एहसास

ख्वाब देखना हमने इसलिए नहीं छोड़ा कि , हमें ख्वाब देखना अच्छा नहीं लगता, ख्वाब देखता हूं ,तो उन्हें खोने का एहसास होता है, जो मुझे कतई मंजूर नहीं।

मेरे एहसास

मुस्कुरा कर कह देती कि,दूर हो जाओ मेरी जिंदगी से, हंस कर कबूल लेता, पर तेरी खामोशी ,आज भी मुझे तुमसे बांधे रखीं है।

Saturday, April 4, 2020

मेरे एहसास

सब थे हमारे पास,बस दर्द की कमी थी,बेपरवाह लोगों से मोहब्बत कर , वो ख्वाहिश भी पूरी हो गई।

Wednesday, April 1, 2020

मेरे एहसास

लिखने को तो बहुत कुछ लिख दूं ,पर अब खास नहीं है लिखने को, अब जिंदगी के कुछ पन्ने बचा लेता हूं ,कभी तो खास होगा ,कुछ लिखने को।

Tuesday, March 31, 2020

मेरे एहसास

अब शिकायत नहीं है दिल तुमसे, जब जाना धड़कना ही तेरी फितरत है। पर क्या तुझे मेरी खामोशी चुभती नहीं।

Monday, March 30, 2020

Thought of the day

जिंदगी गुनाह ना करती, तो इसे जीना कहां आता। कभी सुना है,नदियां यूं ही मिल जाया करती है समुंदर में, इन्हें मीलों का सफर तय करना पड़ता है दोस्त।

Sunday, March 29, 2020

Dialogue

काश नजरे शब्द बन जाती, तो हम भी सुकून से जीते कि , ये दुनिया झूठी थी।

Saturday, March 28, 2020

मेरे एहसास

जिन्हें वक्त की कद्र थी, वो ठुकरा दिए हमें, उन्हें क्या मालूम था ,अपना वक्त दिया करते थे हम उन्हें ‌।

कहीं ख्वाहिशें दफन ना हो जाए

ख्वाहिशें ढूंढूं तो कहां ढूंढूं ,एक ख्वाहिश मेरे दिल में भी दफन हो गया, अब बिना ख्वाहिशों के जीना सीख रहा हूं इस डर से कि और ख्वाहिशें दफन हो जाए मेरे दिल में।

Thursday, March 26, 2020

मेरे एहसास

बिछी हुई यादों को समेटने चला ,उन यादों में भी धोखा था, तस्वीर किन्हीं और का था और नाम उनका लिखा था।

मेरे एहसास

सुकून अगर मुझे भी मिल जाती ,गैरों की बाहों में, तो यह इल्जाम हमें भी ना लगता की ,तुम्हें एहसासों की फिक्र नहीं।

मेरे एहसास

उन्हें लौट आने का ख्याल रखूं तो कैसे, जब वह दूर गए ही नहीं, कभी बातों में, कभी लिखी हुई एहसासों में, और ना जाने कहां-कहां छुपी हुई है, हर दिन कहीं-न-कहीं से उन्हें ढूंढ ही लाता हूं।

मेरे एहसास

एहसासों को संभाल कर रखना, ये दुनिया बड़ी जालिम है दोस्तों, इसे भी लोग बेच देते हैं।

Tuesday, March 17, 2020

मेरे एहसास

वो भूल गए हमें,गुनाह ही क्या किया था हमने, बस उनसे रूठा ही तो था 😌😌😌😌😌

Monday, March 16, 2020

Dialogue

खुश तो हमेशा हम भी रहते हैं ,कभी-कभी आंखें नम हो जाती है ,जब उनकी याद आती है।

Saturday, March 14, 2020

मेरे एहसास

कितनी खामोश हो गई हैं वो, मुस्कुराहट ही तो मांगा था उनका, उन्हें भी वो अब छुपा गई, भला ऐसी भी कोई मोहब्बत करता है क्या?

Friday, March 13, 2020

मेरे एहसास

हंसती हुई तस्वीर से मैंने पूछा ,मुस्कुराने की वजह तो बता दो, तस्वीर खामोश रही, शायद इसे भी मेरी तरह मुस्कुराने की आदत है।

Wednesday, March 11, 2020

Thought of the Day

जख्म अभी तक भरे नहीं, यह सोचकर कब तक बैठा रहूं,भले ही तारे रात में नजर आए हैं, पर वो उजाले में छुप जाते हैं क्या?

Tuesday, March 10, 2020

जिंदगी

फुर्सत मिला था मुझे भी ए जिंदगी, तो सोचा तुझे पढ़ लूं ,तेरे कुछ ही पन्ने पलटे थे हमने, फिर हिम्मत ना हुआ आगे पढ़ने को ,कुछ ही पन्नें तेरी पूरी किताब खोल दी थी।

Happy Holi

रंग लगा दे मुझे भी कोई,परहेज नहीं है रंगों से, खयालों में तो हर रोज डूबा रहता हूं, कोई डूबा दे आज मुझे प्यार भरी रंगो की होली में। Wish You Happy Holi

Saturday, March 7, 2020

मेरे एहसास

तेरे ना होने से कुछ ना बदला,बस बदल गया वो एहसास ,जिसमें तुझे खोने का डर लगता था।

Friday, March 6, 2020

मेरे एहसास

इतनी खामोश हो जाऊंगा मैं, हवा बनकर तेरे पास से होकर गुजर जाऊंगा,और तुम महसूस भी ना कर सकोगी।

Thursday, March 5, 2020

मेरे एहसास

गुजर गई वो शाम भी, जिनका वर्षों से इंतजार था, तलाश मैं अब किनकी करूं , जब मैं कुछ भूला ही नहीं।

Wednesday, March 4, 2020

मेरे एहसास

हर रोज लड़ता हूं तन्हाई से, महफिल के वास्ते, गया में महफिल में,पर महफ़िल ही तनहा हो गया, ना जाने किन के वास्ते, मायूस होकर लौट ही रहा था,तब खयाल आया, तन्हा हम थे ,महफिल ना थी किसी के वास्ते।

Sunday, March 1, 2020

मेरे एहसास

महफिल में पर्दे लगाकर,लोग महफिल में डूब जाते हैं ,काश उस पर्दे में भी पर्दा होता ,जिस पर्दे में लोग खुद को छुपा लेते।

Monday, February 24, 2020

वक्त तो बदल ही जाता है

कुछ शिकायतें तुम भी कर लो ए जिंदगी, बाद में ना कहना,तेरी ख्वाहिश से भी अधूरी रह गई,वक्त का क्या है, वो तो बदल ही जाता है।

मेरे एहसास

दर्द कितना है, हम तुम्हें क्या बताएं ,आओ कभी महफिल में गाकर सुनाते हैं।

Sunday, February 23, 2020

मेरे एहसास

मुझे मुस्कुराता देख, लोग मेरी बेवजह मुस्कुराने की वजह जानना चाहते हैं, उन्हें क्या पता,बेवजह नहीं , उन खूबसूरत लम्हों में जी कर मुस्कुराता हूं मैं ,जो लम्हे सिर्फ मेरे थे।

Friday, February 21, 2020

छुपे बैठे हो क्यों पर्दे में

छुपे बैठे हो क्यों पर्दे में,शाम अब ढलने को है, पर्दा अब गिरा भी दो, रात की किन्हे है फिक्र, वो तो हर चेहरे पर पर्दा गिरा देता है।

Wednesday, February 19, 2020

मेरे एहसास

बेखबर खुद से रह गया, औरों की खबर जानते-जानते, जब गिरा जमीन पर, जानने बैठा खुद को, पता चला बस मैं ही हूं, आंसू भी ना आए आंखों में, मुस्कुराया और खुद में डूब गया, अब लोग मुझे मतलबी कहते है।

Monday, February 17, 2020

Dialogue

ए हवा कुछ तो बता, खामोश क्यों हो तुम, क्या तुम्हें भी किन्ही से मोहब्बत हो गई है, अगर हांँ ,तो तुम्हें भी मेरी धड़कनों में धड़कने की अब कोई जरूरत नहीं है।

Sunday, February 16, 2020

मेरे एहसास

कभी मोहब्बत की नहीं थी ,तो क्या जानता, मोहब्बत क्या होती है, बस उन्हें मुस्कुराता देखना अच्छा लगता था।

Friday, February 14, 2020

मेरे एहसास

जिन्हें दूर जाना है, चले जाएं दूर हमसे, "हमारा भी कोई अपना है" औरों एहसासों की तरह इसे भी भ्रम मान लेंगे हम‌ 😌😌😌😌😌

Monday, February 10, 2020

मेरे एहसास

कितनी मजबूरियां है इस दिल को, वजह भी नहीं मिलता अब इसे धड़कने को, फिर भी धड़कता है ये।

मेरे एहसास

हमारी जिंदगी एक राज है तो, वो हैं उसकी कहानी‌। ए दोस्त, बस दर्द ना ढूंढना,कुछ ही पन्ने है मेरी जिंदगी के, पर जो है लाजवाब है।

Friday, February 7, 2020

मेरे एहसास

यह मुमकिन नहीं कि तुझे भूल जाऊं,पर यह जरूरी भी नहीं कि तुझे याद मै करूं। माना कि कुछ शर्त टूटेंगे हमारे, जो आपने शायद किए ही ना हो।

मेरे एहसास

कितनी खामोश हो गई है यह हवाएं, पर अब कुछ नहीं कहती, शायद इन्हें भी मालूम है, अब क्या लाऊं अपने साथ, हमारी भी कुछ बंदिशें हैं।

Thursday, February 6, 2020

मेरे एहसास

वक्त वक्त की बात है, जिन्हें तन्हाइयों से डर लगता था, आज उन्हें तनहाइयां पसंद है।

मेरे एहसास

कभी ढूंढती कोई तस्वीर, कभी होता किन्ही का पहरा ,कोई तो इजाजत दे दे ,कोई तो इन आंखों को राहत दे दे, बस तस्वीर ना बदलना।

मेरे एहसास

नाराजगी काफी नहीं ,ए जिंदगी ,अब तो जरा साथ चलो, माना कि अब तेरी कोई मंजिल नहीं, पर उनका क्या गुनाह, जिनकी मंजिल भी तुम हो और सहारा भी तुम।

Wednesday, February 5, 2020

मेरे एहसास

है रोशनी यहां ,पर धूप नहीं, चांद है, पर रोशनी नहीं, रात है पर नींद नहीं, शब्द है पर आवाज नहीं, बताओ, फिर है क्या ?

मेरे एहसास

अजीब चाहने वाले हैं हमारे,हमारे टूटने की खबर क्या मिली, समेटने आ गए हमें। अब जरा बताओ कोई उन्हें, हवाओं को कोई समेट सकता है क्या?

Tuesday, February 4, 2020

मेरे एहसास

कोई काट ना ले तनहाइयां महफिल के आड़ में, लोगों का क्या है ,आना जाना लगा रहता है

मेरे एहसास

जिंदगी तो जी ही लूंगा,वजह बस वही रहेगी।

Friday, January 31, 2020

बापू के सोच अनमोल

आज हमारे देश में बापू के विचारों को भी लोग सहूलियत के अनुसार उसका उपयोग करते हैं। उदाहरण के तौर पर जब कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को बाहर निकाला जा रहा था, उन पर अत्याचार किया जा रहा था,तब बापू के सिद्धांत का कोई महत्व नहीं था। संसद के दोनों सदनों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून #CAA बनाकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की इच्छा को पूरा किया गया है। हम तो #CAA विरोध करेंगे, बापू के इच्छाएं गए भाड़ में। और जहां पर बापू के सिद्धांत इनके सहूलियत के अनुसार बैठता है वहां पर बापू के सिद्धांत सर्व परी हो जाते हैं। और ऐसे सारे बुद्धिजीवी छाती पीट-पीटकर चिल्लाने रखते हैं बापू के सिद्धांत बापू के सिद्धांत।

Sunday, January 26, 2020

मेरे एहसास

ए खुदा,मेरे गुनाहों का हिसाब तो तुम बहुत रखे होगे,खुदा मिलो कभी तुम हमसे ,तुम्हारी भी गुनाहों का हिसाब रखा हूं मैं।

कोई तो होगा उन आंसुओं में


कोई तो होगा उन आंसुओं में,जो जमी पर गिरता होगा, और जमी की भी मोहब्बत देखो ,झट से अपनी गोद में समेट लेती है।

Thursday, January 23, 2020

सुप्रभात

खुशियां किसी एक चेहरे की मोहताज नहीं होती, अगर होती तो एक ही चेहरे पर कभी खुशी तो कभी गम के आंसू ना होते। 🌹🌹🌹🌹सुप्रभात🌹🌹🌹🌹

Monday, January 20, 2020

मेरे एहसास + Dialogue

ए जिंदगी, देखते हैं तुम्हें कितनी मोहब्बत है हम से,ख्वाहिश तो अब बची नहीं, ख्वाब में क्या देखूं, आंखें खोलूं तो तुम,आंखें बंद करूं तो तुम ,बताओ अब राज में क्या लिखूं।

Sunday, January 19, 2020

मेरे एहसास

अब तलाश में उनकी नहीं जो हमें छोड़ गए, तलाश अब उस मंजिल की है जिसमें ख्वाहिशें तो हो, पर ख्वाहिशो में तलाश न हो।

मेरे एहसास

बिखरी है खामोशियां कुछ इस कदर,दिल की धड़कने अब कान भी सुनने लगी, सोचा रोक दूं इन धड़कनों को, पर खयाल आया अभी मंजिल बाकी है।

Thursday, January 16, 2020

मेरे एहसास

वक्त ने कहा खामोश रहो तुम ,हमने कलम उठा लिया। दो लब्ज ही लिखा था हमने, वक्त ही सिमट गया।

Thursday, January 9, 2020

मेरे एहसास

समेट लिया उन रंगों को भी, जो कभी बिखरे ही ना थे। कोई पूछे तो कह देना, बह गए वो सारे रंग, अब रंगों की बात न करना।

Wednesday, January 8, 2020

Dialogue

वापस लौट कर एक दिन जरूर आऊंगा ,जब तुम्हारी एक और हसीन दुनिया होगी और हमेशा की तरह इस दुनिया में मैं नहीं रहूंगा।

Sunday, January 5, 2020

मेरे एहसास

तुझे पाने की ख्वाहिश नहीं है मुझे, बस तू मेरे दिल में है ,सुकून है मुझे।

Saturday, January 4, 2020

मेरे एहसास

अब शर्त कहां है जालिम, अब हर रास्ते आजाद है तेरे, जिंदगी जी कर अब देख ले तुम भी, पर भूल ना जाना अपनी जिंदगी को।

Friday, January 3, 2020

मेरे एहसास

जो भूल गए, उन्हें उनकी भूल मुबारक हो। पत्थरों का क्या है, दूसरी ओर खरोच कर नाम कोई और लिख जाएगा।

मेरे एहसास

मस्तियों में डुबती थी नादानियां, वो वक्त कहीं से लाओ। नादान हम तो अब भी है, पर अब शर्म कहां छुपाऊं, दिल करता है तोड़ दूं दर्पण, पर दुनिया को क्या दिखाऊं, यही सोच कर एक चेहरे पर दूसरा चेहरा मैं खुद से ही लगाऊं।

Thursday, January 2, 2020

मेरे एहसास

वक्त की साजिशे नाकाम हो गई, बदले वो थे, बदनाम हम हो गए, चलो एक और नई दुनिया बनाते हैं,शायद इस दुनिया में नाम हो जाए।

Wednesday, January 1, 2020

मेरे एहसास

जिंदगी ख्वाहिशों से नहीं चलती ,ख्वाहिशें जिंदगी से चलती है। खुदा नहीं हो तुम ,कि हर दर्द पर तेरी चौखट पर आ जाएं हम।

मेरे एहसास

कुछ रास्ते खो गए, ना जाने किनके वास्ते ,हम तो वही खड़े थे ,पर ना जाने वो कहां खो गए, किन्ही के वास्ते।