Monday, February 24, 2020

वक्त तो बदल ही जाता है

कुछ शिकायतें तुम भी कर लो ए जिंदगी, बाद में ना कहना,तेरी ख्वाहिश से भी अधूरी रह गई,वक्त का क्या है, वो तो बदल ही जाता है।

मेरे एहसास

दर्द कितना है, हम तुम्हें क्या बताएं ,आओ कभी महफिल में गाकर सुनाते हैं।

Sunday, February 23, 2020

मेरे एहसास

मुझे मुस्कुराता देख, लोग मेरी बेवजह मुस्कुराने की वजह जानना चाहते हैं, उन्हें क्या पता,बेवजह नहीं , उन खूबसूरत लम्हों में जी कर मुस्कुराता हूं मैं ,जो लम्हे सिर्फ मेरे थे।

Friday, February 21, 2020

छुपे बैठे हो क्यों पर्दे में

छुपे बैठे हो क्यों पर्दे में,शाम अब ढलने को है, पर्दा अब गिरा भी दो, रात की किन्हे है फिक्र, वो तो हर चेहरे पर पर्दा गिरा देता है।

Wednesday, February 19, 2020

मेरे एहसास

बेखबर खुद से रह गया, औरों की खबर जानते-जानते, जब गिरा जमीन पर, जानने बैठा खुद को, पता चला बस मैं ही हूं, आंसू भी ना आए आंखों में, मुस्कुराया और खुद में डूब गया, अब लोग मुझे मतलबी कहते है।

Monday, February 17, 2020

Dialogue

ए हवा कुछ तो बता, खामोश क्यों हो तुम, क्या तुम्हें भी किन्ही से मोहब्बत हो गई है, अगर हांँ ,तो तुम्हें भी मेरी धड़कनों में धड़कने की अब कोई जरूरत नहीं है।

Sunday, February 16, 2020

मेरे एहसास

कभी मोहब्बत की नहीं थी ,तो क्या जानता, मोहब्बत क्या होती है, बस उन्हें मुस्कुराता देखना अच्छा लगता था।

Friday, February 14, 2020

मेरे एहसास

जिन्हें दूर जाना है, चले जाएं दूर हमसे, "हमारा भी कोई अपना है" औरों एहसासों की तरह इसे भी भ्रम मान लेंगे हम‌ 😌😌😌😌😌

Monday, February 10, 2020

मेरे एहसास

कितनी मजबूरियां है इस दिल को, वजह भी नहीं मिलता अब इसे धड़कने को, फिर भी धड़कता है ये।

मेरे एहसास

हमारी जिंदगी एक राज है तो, वो हैं उसकी कहानी‌। ए दोस्त, बस दर्द ना ढूंढना,कुछ ही पन्ने है मेरी जिंदगी के, पर जो है लाजवाब है।

Friday, February 7, 2020

मेरे एहसास

यह मुमकिन नहीं कि तुझे भूल जाऊं,पर यह जरूरी भी नहीं कि तुझे याद मै करूं। माना कि कुछ शर्त टूटेंगे हमारे, जो आपने शायद किए ही ना हो।

मेरे एहसास

कितनी खामोश हो गई है यह हवाएं, पर अब कुछ नहीं कहती, शायद इन्हें भी मालूम है, अब क्या लाऊं अपने साथ, हमारी भी कुछ बंदिशें हैं।

Thursday, February 6, 2020

मेरे एहसास

वक्त वक्त की बात है, जिन्हें तन्हाइयों से डर लगता था, आज उन्हें तनहाइयां पसंद है।

मेरे एहसास

कभी ढूंढती कोई तस्वीर, कभी होता किन्ही का पहरा ,कोई तो इजाजत दे दे ,कोई तो इन आंखों को राहत दे दे, बस तस्वीर ना बदलना।

मेरे एहसास

नाराजगी काफी नहीं ,ए जिंदगी ,अब तो जरा साथ चलो, माना कि अब तेरी कोई मंजिल नहीं, पर उनका क्या गुनाह, जिनकी मंजिल भी तुम हो और सहारा भी तुम।

Wednesday, February 5, 2020

मेरे एहसास

है रोशनी यहां ,पर धूप नहीं, चांद है, पर रोशनी नहीं, रात है पर नींद नहीं, शब्द है पर आवाज नहीं, बताओ, फिर है क्या ?

मेरे एहसास

अजीब चाहने वाले हैं हमारे,हमारे टूटने की खबर क्या मिली, समेटने आ गए हमें। अब जरा बताओ कोई उन्हें, हवाओं को कोई समेट सकता है क्या?

Tuesday, February 4, 2020

मेरे एहसास

कोई काट ना ले तनहाइयां महफिल के आड़ में, लोगों का क्या है ,आना जाना लगा रहता है

मेरे एहसास

जिंदगी तो जी ही लूंगा,वजह बस वही रहेगी।