Thursday, December 31, 2015

A Golden Watch(A World Of True Love)

एक ऐसी दुनियाँ जहाँ ना जाने कितने अनसुलझे शब्द रहते है,और अगर हम इसे सुलझाने की कोशिस करते है तो और उलझते जाते है ।
मै उसी दुनियाँ का एक हिस्सा हुँ, एक ऐसी दुनियाँ जो ख्वाबो मे शुरु होती है और ख्वाबो मे ही अंत हो जाता है ।
इस दुनियाँ को प्यार की दुनियाँ कहते है, जहाँ खेल सीर्फ दिलों का होता है ,यहाँ दिमाग का कोइ खेल नही होता है,यहाँ दिल ही सोचता है और दिल
ही करता है, दिमाग तो बस उसका हिस्सा बनकर रह जाता है।
यहाँ समय के चाल का कोइ महत्व नही होता है,यहाँ सिर्फ दिल के धडकनो के रफतार का महत्व होता है।
समय अपने रफतार से चलता है ,पर दिल के धडकनों का रफतार बदलता रहता है,कभी तेज तो कभी मंद ।
शायद इसी लिए मेरा मानना हैकि दिल भी एक घडी है जो अपने रफतार से चलता है,और यह तब तक बंद नही होता जब तक साँसे इसका साथ ना छोड दे।
इस दुनियाँ का शुरुआत तब होता है जब आपका दिल का रफतार किसी ओर के कारण बदल जाता है।
और इस दुनियाँ का रहस्य तब और रहस्यमय हो जाता है जब आपका दिल किसी ओर के लिए अपना रफतार बदल देता है पर उस दिल को आपके दिल के रफतार से कोइ फर्क नही पडता है ,और अगर आप तब भी आपने दिल के रफतार को नही संभालते है तो यह मान लेना चाहिए की अब आपके दिल के रफतार को कोइ और संभालता है, और यह रफतार तब तक नही संभलेंगी जब तक आपका दिल धडकना बंद ना कर दे।
और इस दुनियाँ का रहस्य आपके जाने के साथ ही  चला जाता है और रहस्य रहस्य ही रह जाता है ,एक अनशुलझा

Friday, December 18, 2015

Love Never Death

वो मोहब्बत ही क्या जो बदल जाये,मोहब्बत तो हम आप से पहले भी करते थे और आज भी करते है,फ्रक बस इतना हैकि पहले वो मोहब्बत हमारी दिल मे जिन्दा रहती थी और अब उस मोहब्बत को अपने उसी दिल मो दफन कर दिया हूँ

Thursday, November 26, 2015

love2much

ये मोहब्त ही है जो अभी तक हमे खामोश रखे है,याद रखना अगर हम नफरत करना शुरू कर दिये तो कभी पलत कर भी ना देखेगें

Saturday, October 17, 2015

you are Life

अगर तू ख्वाब ना होती,तो ख्वाब हम देखना
छोड़ देते।अगर तू राग ना होती,तो गाना हम
छोड़ देते।अगर तू ज़िंदगी ना होती,तो हम जीना छोड़
देते।

Thursday, October 15, 2015

Way

दिल को संभाल ये राही, हर रास्तो मे
मंज़िल नही होता।अगर होते हर राह मे
मंज़िल ,तो हर नदी भी संदर होता।

Friday, October 9, 2015

Thanks Life

शुक्रिया ये ज़िंदगी ,तेरी ठोकरो ने मुझे फिर से अपनी मौज मे जीना सिखा दिया😊

Sunday, October 4, 2015

डर ज़िंदगी नहीँ है

डर ही हमारे दुःखो का सबसे बड़ा कारण है।
हम यह सोचकर डरते होकि लोग क्या कहेगे।
जिस दिन हम लोगो की नहीँ अपने दिल की
सुनोगे ,डर हमें डराना छोड़ देगी ।
जब हम डर को अपने अंदर से निकाल देंगें,
तो हमे अपने ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीँ
होगी,कि मैने ये ना कहा ,मैने वो काम ना किया।
मिले या ना मिले इसकी हमे चिंता नहीँ करनी
चाहिए ।