Saturday, August 27, 2022

शब्दों के जादूगर ना तुम थे, ना मैं

शब्दों के जादूगर ना तुम थे, ना मैं। मैं हूं ,ये मैं याद दिलाता रहूंगा, तुम हो, ये तुम याद दिलाते रहना ,हमारी शुरुआत भी कुछ ऐसी ही हुई थी और अंत भी होगी।

Thursday, August 18, 2022

सुकून है

याद तुम्हारी अब भी आती है, सुकून है मुझे इस बात का, कि तुम आज भी याद हो मुझे।

Tuesday, August 16, 2022

वो लोग

अक्सर वो लोग लफ्जों में खामोश हो जाते हैं, जो खास होते हैं, दिल देखता कौन है जनाब।

Thursday, July 28, 2022

कोई ढूंढ लेता

कितने राज दफन करूं इस सीने में, अगर दिल मिट्टी का और राज धातु के होते, तो सुकून होता, मेरे ना रहने पर कोई तो ढूंढ लेता।

Monday, July 18, 2022

कैसी नाराजगी

तुमसे नाराजगी कैसी,बेवजह नाराज हूं तुमसे, सोचा बता दूं। हक तो कभी दिया नहीं।

Saturday, July 16, 2022

सफर

सफर में तन्हा ही था फिर तुम आए, दो कदम साथ भी चले तुम, फिर मैं पीछे छूटा या तुम, हम आज तक सोचते हैं सफर में जल्दी किन्हें था । कभी मिलो तो बता देना मंजिल मिली या सफर में आज भी मेरी तरह तन्हा हो।

Friday, July 8, 2022

कुछ यादें

दर्द चाहूं तो मैं भी बांट दूं, सुना है दर्द बांटने से कम हो जाती है। पर दर्द में भी तुम हो और तुझे बांटना मुझे मंजूर नहीं।