Saturday, June 18, 2022

ख्वाहिश

लिखने की ख्वाहिश अभी भी जिंदा है, बस अब तेरी तस्वीर धुंधली हो गई है।

Monday, June 6, 2022

सवाल किया करो

सवाल किया करो तुम भी मेरी खामोशियों का। अगर फिर भी जवाब ना आए,तो समझ लेना, अब तुमसे कोई नाराजगी नहीं।

Sunday, May 29, 2022

ऐ जिन्दगी

मुझसे दिखावा ना कर ऐ मेरी जिंदगी।माना मुझसे अलग हो तूम,पर तेरी हर राज जानता हूं मैं ।

Saturday, May 28, 2022

बारिशें

बारिशें अब भी होती है ,सवाल ये नहीं है, सवाल बस इतना सा है, अब तुम्हें बारिशों में भीगना अच्छा क्यों नहीं लगता।

Sunday, May 22, 2022

खामोशियां

तेरी खामोशियां कुछ कह ना पाई ,ये तुझे लगता है। हमने तो आवाज भी लगाई थी, पर तुम सुन ना पाए।

गुजरा तो होगा वो

हर रोज की तरह आज भी एक शाम चली गई, गुजरा तो होगा वो कहीं से। शायद, मैं हर रोज की तरह, गलत रास्ते पर इंतजार करता रहा गया।

Friday, May 20, 2022

तेरे शहर में!

मुझे तुमसे मोहब्बत थी या तुम्हारे शहर से, मत पूछना। अभी भी तेरे शहर में अक्सर आना-जाना लगा रहता है।