Monday, May 24, 2021

शहर वही थे

शहर तो वही थे, बस लोग बदल गए थे, सुना है उन्हें कोई अब नया आशियाना मिल गया है।

Innocent

मासूम हम भी थे,समझ ना थी हमें दुनिया का,जहां लोग पानी में भी रंग ढूंढ लेते हैं।

Saturday, May 22, 2021

शायद मैं सुनूं

वक्त आई नहीं, आ जाने दो, हम भी तुमसे रूठ जाएंगे। फिर कहना मत की मुझे तेरी याद आती है, क्योंकि शायद मैं ना सुनूं।

Thursday, May 20, 2021

खुदा रूठ जाएगा

चांँद देखा, तारे देखें, तितलियां देखें, फिर सोचा कुछ लिखूं, पर अगर लिखूं तेरी तारीफ तो खुदा रूठ जाएगा,मेरे सोच से कहीं ज्यादा खूबसूरत बनाया है जो तुझे।

Tuesday, May 18, 2021

मुसाफिर

मुसाफिर होना इतना आसान भी नही होता,हर बीते वक्त के साथ, यादों को सीने में दफन कर के शहर छोड़ना पड़ता है।

Saturday, May 8, 2021

वो आईना ना थी

आईना देखा तो यह ख्याल आया, उनके दिल में तो नहीं ,पर आईना में तो है। फिर आंखें रो पड़ी यह देख कर, हर शख्स आईना का हो जाता है। फिर मुस्कुराया और चल पड़ा यह सोच कर कि,चलो वो आईना ना थी।

Friday, May 7, 2021

Stop Genocide in Bengal

घरों में बैठे हैं वो, यह गुमान में कि, हमारे घर ईंट के बने हैं,जलने दो पास के बने बांस के मकान को। आग की लपटें जब घर पर पड़े,घर तो नहीं जले,पर दम घुट गए आग के प्रहार से। फिर दम घुटने हुए ख्याल आया,काश बुझा देते ,उस जलते हुए मकान को । #BangalBurning Stop #bangalviolence #bengalvoilence #stopgenocideinbengal