Saturday, June 30, 2018

मेरे एहसास

जिंदगी कोई अश्क नहीं,जिसे आंखों से बहा दूँ। जिंदगी कोई ख्वाब नही, जिसे रातों में बिता दूं । जिंदगी कोई राग नहीं,जिसे गा कर सुना दूं । जिंदगी एहसास है,जिसे मैं हंस कर बिता दूं ।

Sunday, June 24, 2018

मेरे एहसास

शब्द तारीफ करें,तो मेरा क्या कसूर। रोकना है तो रोको इन हवाओं को,दिल धड़कती है,तो दिल का क्या कसूर। रोकना है तो रोक दो इन धड़कनों को, बंदीसे लफ्जों को खामोश कर सकती है,धड़कनों को नहीं, इसमें मेरा क्या कसूर।

Friday, June 22, 2018

मेरे एहसास

अगर आँखों को,नींद की फिक्र होती, तो हर रात तेरी तस्वीर देखकर ना गुजारा होता । वो कहते है जि~लो अपनी जिंदगी, मौत में क्या रखा है। अगर जिंदगी को मौत की फिक्र होती, तो हर शाम मयखाने में ना गुजारा होता।

Tuesday, June 19, 2018

मेरे एहसास

ना जख़्म है ना दर्द,फिर भी बना है ये हमदर्द । शब्दों के समुंदर में,खामोश क्यों हैं ये लफ्ज़।यकीन मानिए,खामोशी भी होता है एक शब्द ।

Monday, June 18, 2018

मेरे एहसास

हम यह जानते हैं,जो मेरे हाथों में है,वो कांच नहीं पत्थर है, फिर भी ना जाने दिल,फेंकने से डरता है,कहीं टूट ना जाए।

Saturday, June 16, 2018

मेरे एहसास

मेरी आंसुओं की कीमत वो भले ही ना जानती हो,पर मैंने उसके एक मुस्कान के लिए आंसुओं को गिनना ही छोड़ दिया ।

Thursday, June 14, 2018

Dialogue

बड़ी अजीब इत्तेफाक है,जिनकी धड़कनें भी मेरे बदौलत धड़कती थी,आज वो गैर कह के निकल गए ।