Sunday, March 13, 2022
ख्याल अच्छा था
ख्याल अच्छा था कि अब तुझे याद ना करूं।
फिर ख्याल आया, तुझे याद करूं या ना करूं, तेरी यादें बहुत है मेरे पास।
Saturday, March 12, 2022
तुम्हें भी डराएंगी
खामोशियां तुम्हें भी डराएंगी, बस चाँद ढल जाने दो।उजाले ऐसे ही तुम्हें डराती है, सोच अंधेरों में तुम्हारा क्या होगा।
Friday, March 11, 2022
तुम्हें मालूम तो होगा ही
तुम्हें मालूम तो होगा ही, कि तुम्हें इश्क हैं।
तुम बता ना पाए, तो कोई गम नहीं,हमने भी खामोशियां पढ़ना सीख लिया है।
Monday, March 7, 2022
डरते हो क्या?
ऐ जिंदगी, थक गया हूं अब, तुमसे शिकायत करते करते, पर तुझे एक बात बतानी है की, तुम भी मुझसे शिकायत नहीं करते, तुम मुझसे डरते हो क्या?
Sunday, February 27, 2022
तुम भी ना थे
सफर पर निकला ही था, तुम याद गए, एक तरफ मंजिल थी ,एक तरफ तुम थे, तुम्हें चूनता, मंजिल रूठ जाती, हमने उसका रूठना सही समझा, पीछे मुड़ा ही था, तुम भी ना थे।
Saturday, January 29, 2022
काश तुम्हारी याद ना होती
काश तुम्हारी याद ना होती,तो सोच क्या होता।
दिन यूं ही गुजर जाते,और रात में नींद भी ना आती।
तुम्हें जो लगे, पर जो मैं ये तेरी यादें संभाल कर रखता हूं, यही मुझे संभाल कर रखती है।
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