Sunday, August 5, 2018
Trying to write lyric
तेरी जिक्र को,मैं फिक्र में रखूं। तेरी दिल को दिल में , खास रखूं ।
खोया तुझे हूं,खुद को नहीं । फिर खोया हुआ हूं ,क्यों खुद में कहीं ।
चल दिया मैं ~क्यों इस कदर,
था रास्तों का ना कोई फिकर,
चल दिया मै, क्यों इधर ।
तेरी बातों को, बातों में याद रखूं ,
तेरी यादों को, यादों में खास रखू़ं।
थी फैसले ,अपनी मगर, थी सही ,तेरे लिए ।
तेरी ख्वाब को ,ख्वाब में याद रखूं
तेरी चाहतो को, चाहतो में खास रखू़ं।
मेरे एहसास
बदलते जिंदगी के राह भी बदल गए, जो सोचा ना था,वो ख्वाब भी बदल गए। मुश्किल तो थी जिंदगी, जीना तेरे बगैर,पर तनहाइयां,तेरे बगैर भी जीना सिखा गई।
Dialogue
जिंदगी से रूठ कर जाऊं तो कहां जाऊं,जब तुम थे,तो जिंदगी थी, अब नहीं हो तो,मैं खुद ही एक जिंदगी हूं।
Saturday, August 4, 2018
मेरे एहसास
खामोशी की नगरी में,देखो मैं अभी भी मुस्कुरा रहा हूं। शायद यह उनकी यादें,जिन्हें अभी भी याद कर के गुनगुना रहा हूं।
मेरे एहसास
क्यों लगता है कि मैं तेरा साथ छोड़ दूं, तुम जिंदगी ही तो है,कोई ख्वाब थोड़ी ही है,जो आंखें खुले और टूट जाए ।
Friday, August 3, 2018
मेरे एहसास
अगर गिर जाओ तुम यहां तो, समझना,चलना सीख लिए। वरना गिरे हुए को,तो समंदर भी ठोकरे नहीं मारती।
Thursday, August 2, 2018
मेरे एहसास
पहेलीया बुझाता रहा दिल को, सांसों में उलझाता रहा दिल को, धड़कना तेरी आदत है,याद दिलाता रहा दिल को,नजरें ना जाने झुकी क्यों थी, शायद खुद को,खुद से छिपा रही थी।
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