Thursday, July 30, 2015

Pass whole life alone

तेरी यादो को तन्हाई बनाएगे,आपके साथ बिताये हुवे उस वक्त को जागीर बनाएगे।आप मोहब्बत करे या ना करे,सारी उम्र तन्हा गुज़ार देगे

Monday, July 27, 2015

We lose a great soul

माटी रे माटी तेरी ये कैसी माया,जिसे तूने बनाया  तूने ही खुद मे मिलाया ,माटी रे माटी तेरी ये कैसी माया

painfull Lose

What happens when you lose your closest, yesterday I Lose my ideal DR. A. P. J. Abdul Kalam .Yesterday i learn Life is just like a Air balloon  which erupt any time .so friend we never hurts any peoples and always try to be  happy

Lose

Today I miss my ideal DR. A. P. J. Abdul Kalam

Wednesday, July 22, 2015

ख्वाबों का ये मन्जर पल भर में टूट जायेगा

ख्वाबों का ये मन्जर पल भर में टूट जायेगा ।
हाँ जी हाँ टूट जायेगा, पल भर में टूट जायेगा ।
पल भर में टूट जायेगा, ये पल भर में टूट जायेगा ।
ख्वाबों का ये मन्जर पल भर में टूट जायेगा ।
टूट जायेगाँ ...........टूट जायेगाँ ।
जिस पर करते थे यकिन,खुद से ज्यादा थी भरोसा,
चाहत से भी ज्यादा चाहा जिसे करते थे,उसने ही तेरे दिल को तोङ दिया है ।
जब ये जानेगा तू पल भर मे टूट जायेगाँ । तू  पल-पल रोता जायेगाँ,
तू  पल-पल रोता जायेगाँ, हाँ तू  पल-पल रोता जायेगाँ ।
आँसू आयेगी आँखों से दिल तेरा तङपेगाँ ।
हाँ दिल ये तङपेगाँ, हाँ दिल ये तङपेगाँ ।
तनहाई का आलम सोने भी ना देगा ।
बेवफाई का चेहरा तुझपे हँसेगा,
तेरे ये खुसीयों का आलम सूना पङ जयेगाँ ।

ऐ यार -ऐ दोस्त -चल दोस्ती हम करे

ऐ यार -ऐ दोस्त -चल दोस्ती हम करे-2
ऐ यार -ऐ दोस्त -चल मिल कर हम पढे ।
ऐ यार -ऐ दोस्त -चल दोस्ती हम करे
ऐ यार -ऐ दोस्त -चल मिल कर हम पढे ।
ऐ यार -ऐ दोस्त -चल मिल कर हम पढाए
हम खुद पढ-लिख कर औरो को पढए
हम शिक्षित बन कर,शिक्षित भी बनाए
ज्ञान की ज्योती ,हम दिल मे जलाए
ज्ञान क्या है होती ,चल सब को बताए
चल ज्ञान की ये गंगा में,ज्ञान की दरीया मे चल  डूबकी लगाये ।
हर किसी को अधिकार दिलाए, जिदंगी क्या होती है,जिदंगी से रूब-रूह कराए।
शहीदों के सँपनों को साकार कर दीखाए,
देश को चल आगे, हम मिल कर बढाए
चल ज्ञान की ये गंगा में,ज्ञान की दरीया मे चल  डूबकी लगाये ।
चल आसमा को भी अपना बनाए,
हम बस आगे चलें ,पीछे ना बढे
ऐ यार -ऐ दोस्त -चल दोस्ती हम करे-2
ऐ यार -ऐ दोस्त -चल मिल कर हम पढे ।
ऐ यार -ऐ दोस्त -चल दोस्ती हम करे
ऐ यार -ऐ दोस्त -चल मिल कर हम पढे ।



तेरी किस काम की

सेज के सजनीयाँ, तेरी पैरों की पैजनियाँ,
हाथों का ये कंगना ,तेरी ओठों की लाली ,
माँथे की ये बिंदीया,पतली कमरीयाँ ,
केस काली-काली किस काम की ।
देखी ना पिया ये तेरी किस काम की ।
सेज के सजनवा चले गए परदेश ,तेरे ये किस काम की ।
लगे तेरे जग सुना-सुना ,तुझ पर हँसे तेरी साये रे ,
तेरी योवन किस काम की,पिया देखी नही रे ।
निंद तुझे आती नही, सँपनों मे भी ना आए तेरे पिया ।
मन ये कहें पिया तेरे बिना क्या जिना,कब आयेगें पिया ,सोची-सोची कटी रतीयाँ ।
 कटी- कटी कैसे  कटी- कटी  रतीया,ना  कटी ना  कटी तेरे बिन ये रतिया,तेरे बिन-तेरे बिन कटि ना ये रतिया।
ना लगी ना लगी, ना लगी मनवा तेरे बिना ओ पिया,तेरे बिन,
सोचे-सोचे है,तेरी ये मनवा, तेरी ये मनवा