Thursday, September 8, 2022

तुम्हारी नफरतें

तुम्हारी नफरतें, जानता हूं मैं,बात क्या है, मैं नहीं जानता, पर इतना मालूम है मुझे, मेरे चाहने वाले बहुत हैं।

पर दिल को सुकून है

अगर खामोशियां ही थी,तेरे लफ्ज़ पे, तो बता देते। आवाज मैं भी ना लगाता, पर दिल को सुकून है, मैंने इश्क छुपाया नहीं दुनिया से।

Friday, September 2, 2022

अगर मालूम होता!

अगर मालूम होता, की तुम बेवफा हो जाओगे ,तो बेवफाई का ये गुनाह भी अपने सर ले लेता।

Thursday, September 1, 2022

तुम झूठे हो

कब तक कहोगे तुम ,कि तुम झूठे हो। यकीनन मोहब्बत पत्थर से कर बैठे हो, अगर पत्थर ना होती, तो ये गुनाह, वो भी कर देती।

Saturday, August 27, 2022

शब्दों के जादूगर ना तुम थे, ना मैं

शब्दों के जादूगर ना तुम थे, ना मैं। मैं हूं ,ये मैं याद दिलाता रहूंगा, तुम हो, ये तुम याद दिलाते रहना ,हमारी शुरुआत भी कुछ ऐसी ही हुई थी और अंत भी होगी।

Thursday, August 18, 2022

सुकून है

याद तुम्हारी अब भी आती है, सुकून है मुझे इस बात का, कि तुम आज भी याद हो मुझे।

Tuesday, August 16, 2022

वो लोग

अक्सर वो लोग लफ्जों में खामोश हो जाते हैं, जो खास होते हैं, दिल देखता कौन है जनाब।