Friday, October 26, 2018

मेरे एहसास

मिटा तो देते,हम भी ख्वाबों का आशियाना,पर मालूम था हमें, ख्वाब के साथ हम भी टूट जाएंगे।

Thursday, October 25, 2018

मेरे एहसास

सांसों को कैसे बह जाने दू,इन हवाओं में ,परख तो हम भी ना पाएं, किस ओर बह रही है ये। पर याद आया धड़कती तो है।

Monday, October 22, 2018

Dialogue

ख्वाहिशों का क्या है साहब वो तो हर रोज आते-जाते हैं, बदतमीज तो यह दिल है, जो कभी मेरा सुनता ही नहीं।

Thursday, October 11, 2018

Dialogue

मेरा दिल अब दिल नहीं,उनकी यादों का कब्र हैं। और कब्र अक्सर तन्हाईयों में ही रहते हैं।

Friday, October 5, 2018

Dialogue

अगर लौट कर ना आऊं तो शिकायत ना करना,मेरी मंजिल ही कुछ ऐसी है, जहां रास्ते तो है, पर रास्ता नहीं।

Tuesday, September 25, 2018

Dialogue

दूर तो चला आया हूँ बहुत तुझसे, मगर तन्हाइयों में,अभी भी खुद को,तेरे पास ही पाता हूँ

Saturday, September 22, 2018

Dialogue

दिमाग पढ़ने वाले तो बहुत होते हैं, दिल पढ़ने वाले कम,पर दिल पड़ने वाले लोग अक्सर आशिक होते हैं।