Monday, February 20, 2017

Try to Writing Lyric

चले जा- चले जा ,चले जा- चले जा
ऐ वक्त अब  तू चले जा-ऐ वक्त अब  तू चले जा

 चले जा- चले जा ,चले जा~~~-
चले जा,चले जा-ऐ वक्त अब  तू चले जा ।

ना चाहिए तेरी यादों का साथी,
 चले जा- चले जा- चले जा ।

खुद को है मैंने ,खुद से संभाला
चले जा- चले जा- चले जा ।

चलने दे मुझको ,ऐसे ही यारा
चले जा- चले जा- चले जा ।

खुद का ऐ रास्ता, अच्छा लगे हैं मुझे
चले जा- चले जा- चले जा ।

चले जा- चले जा ,चले जा- चले जा
ऐ वक्त  तू चले जा~~~- चले जा ।

क्या मैंने खोया ,क्या मैंने पाया ,अब तू मुझे ये ना बता~~~
चले जा- चले जा ,चले जा- चले जा
ऐ वक्त  तू चले जा~~~- चले जा ।

अच्छा नहीं है दिल का सताना ,
चले जा- चले जा ,चले जा ।

अच्छा लगे हैं मुझे खुद में  भुलाना,
चले जा- चले जा ,चले जा- चले जा ।

अच्छा नहीं है दिल का सताना ,
चले जा- चले जा ,चले जा ।

चले जा- चले जा ,चले जा- चले जा, ऐ वक्त अब  तू चले जा ।
चले जा-चले जा ।

Wednesday, February 15, 2017

दर्द भी खामोश है

वक्त भी खामोश है, लब्ज भी खामोश है। खामोशी का आलम तो देखो, यहां तो दर्द भी खामोश है।

Sunday, February 12, 2017

कहना तो बहुत है, मगर

कहना तो बहुत है, मगर शब्दों की बंदिस है, बताओ अब मैं क्या कहूं।
महसूस करता हूं तुम्हारे हर दर्द को ,पर बताओ मैं क्या करूं ।

Saturday, February 4, 2017

Dialogue

बड़ी अजीब है हमारी मोहब्बत का दास्तां वह हमें मिटाकर भूलना चाहती है और हम उन्हें सजा कर, पर शायद हो न सका

Dialogue

इश्क़ के नाम लेकर लोग यूं ही बदनाम किया करते हैं हमें, किसी के दर्द ने हमें निकम्मा कर दिया था, हमें इश्क़ तो आता
 ही नहीं ।

Thursday, February 2, 2017

Dialogue

कब तक खुद को खामोश रखूं ये दिल, कभी तू भी तो खामोश हो जा, तेरी खामोशी ही मुझे खामोश कर देगी।

Dialogue

हम रुठ गए तो क्या हुआ, हमें मनाता भी कौन ।
ग़म के एक खिलौने थे जिन्हें हम खेल गए ,हमे रोकने वाला था कौन ।
इस जंग में जीत भी जाते तो क्या होता ,जश्न मनाने वाला था कौन।