Friday, July 13, 2018

मेरे एहसास

अब ये सफेद कागजें भी थक गई है, तेरी यादों को समेटते-समेटते, पर शायद ये दिल नही। यकीनन ये याद दिलाती है,तुझे खोने का।

Thursday, July 12, 2018

मेरे एहसास

ना जाने हमने कितने ख्वाब सजाए थे,वो पल भर में टूट गए। यकीनन वो ख्वाब ही थे,हकीकत नहीं, शायद इसीलिए टूट गए।

Tuesday, July 10, 2018

मेरे एहसास

मिलते तो चांद सितारे भी नहीं है, पर गुमान उन्हें भी होता है।आने दो वक्त,चमक हम भी जाएंगे।

Monday, July 9, 2018

मेरे एहसास

जश्न में डूबे थे वो,मैं भी डूबा था जश्न में। वो भी मुस्कुरा रहे थे,हम भी मुस्कुरा रहे थे,फिर भी ना जाने कौन अकेला था। भरी महफिल था,फिर भी सन्नाटा था।ना जाने क्या टूटा था,फिर भी हंसकर छुपाया जा रहा था।

Sunday, July 8, 2018

मेरे एहसास

लिख देता हूं उनकी यादों को खूबसूरत लम्हा मान कर , यकीनन वो खूबसूरत ही होंगे।

Saturday, July 7, 2018

मेरे एहसास

बेवजह मुस्कुराता हर रोज हूं मैं, पर यकीनन,मेरी मुस्कुराहट में, वो कहीं छिपे होते है ।

Thursday, July 5, 2018

मेरे एहसास

अब तो सांसे भी गिन कर लेता हूं, कहीं यह भी रूठ गई तो,मुझे तो मनाना भी नहीं आता